Thursday, 13 March 2014

लापता विमान: चीन ने संभावित मलबे की तस्वीरें जारी कीं

लापता विमान: चीन ने संभावित मलबे की तस्वीरें जारी कीं

सैटेलाइट द्वारा भेजी गई तस्वीरें 

चीन की सरकारी वेबसाइट पर मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान के संभावित मलबे की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं.
इन तीन तस्वीरों में दक्षिण चीन सागर तीन बड़ी तैरती हुई चीज़ें दिख रही हैं.
बीजिंग जा रहा ये विमान बीते शुक्रवार को लापता हो गया था. इसमें क्लिक करें239 लोग सवार थे. कुआलालंपुर से उड़ान भरने के एक घंटे के अंदर ही विमान ग़ायब हो गया था. विमान से कोई आपात सिगनल या संदेश नहीं भेजा गया था.
ये तस्वीरें रविवार को ली गई थीं लेकिन इन्हें बुधवार को चीन के स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फ़ॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री फ़ॉर नेशनल डिफ़ेंस की वेबसाइट पर जारी किया गया.

आखिरी संपर्क

नक्शे पर निर्देशांको के मुताबिक़ तैरते हुए टुकड़े मलेशिया के पूर्व और वियतनाम के दक्षिणी छोर के बीच दक्षिण चीन सागर में हैं.
चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है कि सबसे बड़े टुकड़े का माप लगभग 24 मीटर x 22 मीटर है.
इससे पहले मलेशियाई अधिकारियों ने बताया था कि विमान के साथ आख़िरी बार जब संपर्क हुआ था तब विमान में सब कुछ सामान्य था.
अधिकारियों के मुताबिक़ मलेशियाई एयर कंट्रोल को एक रेडियो संदेश में विमान से ''ऑल राइट, रॉजर दैट'' जवाब मिला था. लेकिन कुछ मिनटों के बाद ही विमान के साथ संपर्क टूट गया.

जानकारी के बारे में भ्रम'

चीन के विदेश मंत्रालय ने शिक़ायत की है कि विमान के फ्लाइट पाथ यानी रास्ते के बारे में जारी जानकारी पर 'बहुत ज़्यादा भ्रम' है.
बीजिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता छिन गांग ने पत्रकारों को बताया, "हमारे लिए यह तय करना बहुत मुश्किल है कि दी गई जारी सही है या नहीं."
इससे पहले बुधवार को मलेशिया के वायु सेनाध्यक्ष रोज़ाली दाउद ने स्थानीय मीडिया में उनके हवाले से दिए गए बयान से इंकार किया जिसमें कहा गया था कि सेना के रडार के मुताबिक़ विमान के मलक्का की खाड़ी के ऊपर होने का पता चला था. यह विमान के तयशुदा रास्ते से काफ़ी दूर पश्चिम में था.
जनरल दाउद ने कहा कि ''उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था'' लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वायुसेना ने विमान के क्लिक करेंरास्ता बदलने की संभावना से इंकार नहीं किया है.
लापता विमान की शुरुआती क्लिक करेंखोज मलेशिया और वियतनाम के बीच समुद्र तक ही केंद्रित थी लेकिन बाद में उसका दायरा बढ़ा दिया गया है.



 


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